jatt se jat word – जट से जाट शब्द बना

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jatt se jat word जट से जाट शब्द बना है जिसका विवरण निम्नलिखित है :- जिस समय भाषा-क्षेत्र में अन्धकार छा गया था|
उस समय आज से लगभग साढे चार हजार वर्ष पूर्व सिन्ध के अधीन प्रान्त गांधार में व्याकरण-सूर्य महर्षि पाणिनि का जन्म हुआ।

उन्होंने अपने समय तक की संस्कृत-भाषा के सम्पूर्ण शब्दों की व्युत्पत्ति एवं अर्थबोधक एक व्याकरण की रचना की जिसका नाम अष्टाध्यायी है। jatt se jat word

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यह देखने में एक छोटी सी पुस्तक है, परन्तु आपकी रचना-शैली इतनी विचित्र है कि इसका श्री महर्षि पतञ्जलि ने भाष्य किया है जो एक पूरा ग्रंथ हो गया। इसीलिए उसका नाम महाभाष्य रखा गया।

पाणिनि ने अपने समय के प्रचलित शब्दों और प्रायः प्रत्येक राजनैतिक संघ का अनेक स्थलों पर वर्णन किया है। इसी कारण विद्वानों का मत है कि “पाणिनि धार्मिक की अपेक्षा राजनैतिक बुद्धि का ऋषि था।”

तदनुसार अष्टाध्यायी के भ्वादिगण में एक परस्मैपदी धातु लिखी गई – जट झट संघाते अर्थात् जट शब्द समूह के लिए प्रयुक्त होता है। इस धातु के “जट” शब्द का अर्थ है कि “जिसके द्वारा या जिसमें बिखरी हुई शक्तियां एकत्र हो जायें।”

जट का ही दूसरा रूप जाट है और यह दोनों शब्द एकार्थवाची हैं अर्थात् जिसके द्वारा बिखरी हुई शक्तियां एकत्रित हो जायें अथवा जिसमें बिखरी हुई एकत्रित हो जायें, ऐसे संघ व जाति और प्रत्येक व्यक्ति को “जट” या “जाट” कहते हैं।

jatt se jat word | जट से जाट शब्द बना

jatt se jat word | जट से जाट शब्द बना इस प्रकार बन जाता है – अष्टाध्यायी के अध्याय 3, पाद 3, सूत्र 19 अकर्त्तरि च कारके संज्ञायाम् से जट धातु से संज्ञा में घञ् प्रत्यय होता है। जट् + घञ् प्रत्यय के घ और ञ् की इत्संज्ञा होकर लोप हो जाता है। ‘अ’ रह जाता है अर्थात् जट् + अ ऐसा रूप होता है।

फिर पाणिनीयाष्टकम् के अध्याय 7, पाद 2, सूत्र 116, अतः उपधायाः से उपधा अर्थात् जट में के ‘ज’ अक्षर के ‘अ’ के स्थान पर बुद्धि अर्थात् दीर्घ आ हो जाता है। जाट् + अ = जाट ऐसा शब्द बन जाता है2।

यह अन्तिमरूप से सिद्ध हो चुका है कि स्वयं ‘जट’ शब्द अत्यन्त प्राचीन एवं शुद्ध है। यदि ऊपर कहे शब्दों का अपभ्रंश होता तो उन शब्दों की भांति उसका अर्थ भी सीमित होता और ‘जट’ शब्द की व्यापक अर्थशक्ति प्रायः नष्ट हो जाती। इसलिए ‘जट’ शब्द को किसी भी अन्य शब्द की परम्परा में अपने कई पूर्व रूप देखने नहीं पड़े। यही कारण है कि ‘जट’ शब्द के प्राचीन अर्थ का महत्त्व आज भी अक्षुण्ण है।

“Grimm’s Law of Variation” (गरिमज के परिवर्तन के सिद्धान्त के अनुसार jatt se jat word कुछ और उदाहरण –

English          German       Latin       Greek    French      Armenian     Sanskrit

  • Father        Vater        Pater      Pater       Pere           Hair             Pittar (पितृ)
  • Mother    Mutter      Mater     Meter      Mere        Mair           Matar (मातृ)

शब्द माता पिता का भिन्न-भिन्न भाषाओं में उच्चारण तो अलग अलग है परन्तु अर्थ एक ही है।

jatt se jat word | जट से जाट शब्द बना

 

‘जाट’ शब्द को प्राकृत भाषा से मिलती-जुलती सिन्धी और पंजाबी आदि भाषाओं में ‘जट’ ही लिखा और बोला जाता है। परन्तु हिन्दी भाषा बोलने वाले प्रान्तों में जैसे राजस्थान, हरयाणा, मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश आदि में ‘जाट’ बोला जाता है।

1. क्षत्रिय जातियों का उत्थान, पतन एवं जाटों का उत्कर्ष पृ० 259-260 (लेखक योगेन्द्रपाल शास्त्री);
2. क्षत्रियों का इतिहास प्रथम भाग पृ० 264 लेखक परमेश शर्मा तथा राजपालसिंह शास्त्री।
3. प्राचीन राज्यवंश एवं जाट क्षत्रिय इतिहास
4. क्षत्रिय जातियों का उत्थान, पतन एवं जाटों का उत्कर्ष पृ० 258 लेखक कविराज योगेन्द्र शास्त्री।
5. अन्टिक्विटी ऑफ जाट रेस लेखक उजागरसिंह माहल पृ० 11.
6. जाट वीरों का इतिहास: दलीप सिंह अहलावत, पृष्ठान्त-88
7. जाट इतिहास उर्दू पृ० 33 लेखक ठाकुर संसारसिंह।

कुछेक ऐसे शब्दों के उदाहरण जो भिन्नभिन्न भाषाओं में भिन्न भिन्न प्रकार से लिखे व बोले जाते हैं परन्तु उनका अर्थ एक ही निम्न प्रकार से है –

संस्कृत      प्राकृत        हिन्दी
1. कर्णः      कुन्न          कान
2. हस्तः      हत्थ          हाथ
3. अस्थि     हड्ड          हाड़
4. दन्तः      दन्त          दांत

jatt se jat word ‘जट’ शब्द का दूसरे देशों में परिवर्तन कैसे हुआ, इसका उदाहरण संसार की चार प्रसिद्ध भाषाओं के कुछ शब्दों से दिया जाता है।

संस्कृत             अंग्रेजी’             फारसी                    हिन्दी
1. ओ३म्           (Amin)            अल्म                   परमेश्वर, ईश्वर
2. अस्ति           (is)                    अस्त                      है
3. नाम             Name                 नाम                     नाम
4. तारकम्        (Star)                सतारा                   तारा
5. दुहितृ           (Daughter)       दुखतर                  पुत्री
6. मातृ             (Mother)           मादर                    माता
7. पितृ              (Father)              पिदर                   पिता
8. भ्रातृ             (Brother)            ब्रादर                    भाई
9. अभ्यन्तर       (Under)             अन्दर                   भीतर

इसी तरह संस्कृत का ‘जट’ शब्द प्राकृत भाषा में ‘जत्थ’ या जट्ट, अरबी-फारसी में जात, चीनी में यूति-यूची, यूरोप में जेटी-जेटा, रोम में गात-गाथ, लेटिन में गिटी (Giate) और हिन्दी में जाट नाम प्रसिद्ध हुआ।

पंजाबी भाषा                      हिंदी भाषा
1. खट                                 खाट
2. जट                                 जाट
3. हत्थ                                हाथ
4. दंत                                  दांत
5. लत                                 लात
6. कन्न                                कान

jatt se jat word | जट से जाट शब्द बना

ययात और याट शब्द से ‘जाट’ शब्द बन जाना बिल्कुल साधारण है। प्राचीनकाल में जिन शब्दों का उच्चारण ‘य’ से होता था, आधुनिक समय में ‘ज’ से होता है। इनके कुछ उदाहरण इस प्रकार हैं –

प्राचीन शब्द       वर्तमान शब्द’        प्राचीन शब्द वर्तमान शब्द
1. यश                   जस                     10. यम           जम
2. यज्ञ                  जज्ञ                    11. योनि            जोनि
3. यत्न                 जत्न                   12. यटी              जटी
4. योग                 जोग                    13. याट           जाट
5. योगी                जोगी                  14. युक्ति          जुक्ति
6. यमुना               जमना                15. योद्धा          जोद्धा
7. यतन                जतन                 16. युद्ध              जुद्ध
8. योग्य                जोग्य                 17. यमदूत        जमदूत
9. यौवन               जोबन

आधार पुस्तक :- जाट वीरों का इतिहास: दलीप सिंह अहलावत

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