हीरक जयन्ती समारोह | जाट हीरोज मेमोरियल एंगलो संस्कृत हाई स्कूल रोहतक

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हीरक जयन्ती समारोह मार्च 1, सन् 1942 को जाट हीरोज मेमोरियल एंगलो संस्कृत हाई स्कूल रोहतक के विशाल प्रांगण में चौ० छोटूराम के 61वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में हीरक जयन्ती समारोह मनाया गया।

हीरक जयन्ती समारोह

इस अवसर हीरक जयन्ती समारोह पर पंजाब, दिल्ली, जोधपुर, भरतपुर, धौलपुर, मेवात, उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश आदि प्रान्तों से दो लाख से भी अधिक किसान व गरीब देहाती मजदूर एकत्रित हुए।

हिन्दू, मुसलमान, सिक्ख, ईसाई अपने मजहबी भेदभाव भूलकर एक प्लेटफार्म पर एकत्रित हो गये।

इस हीरक जयन्ती समारोह के अवसर पर महाराजा ब्रिजेन्द्रसिंह भरतपुर नरेश, दानवीर चौ० सेठ छाजूराम और पंजाब प्रीमियर सर सिकन्दर हयात खां तथा उनके मन्त्री-मण्डल के मिनिस्टर भी पधारे थे।

जलसे के अध्यक्ष प्रीमियर सिकन्दर हयात खां बनाये गये। चौ० छोटूराम के सम्मान में उनको 61,000 रुपये की थैली भेंट की गई।

Jat school Rohtak

 

चारों ओर से रुपये इस प्रकार बरस रहे थे कि लेने वालों को सम्भालने का होश न था। इस हीरक जयन्ती समारोह दृश्य को देखने वालों का कहना था कि इससे पहले इतनी उमंग लिए हुए इतनी बड़ी भीड़ उन्होंने पहले कभी नहीं देखी थी।

चारों ओर से जनता सम्मान एवं श्रद्धा से ऊंचे स्वर में ‘सर छोटूराम की जय’ बोल रही थी। अपने नेता के दर्शन पाकर स्त्री-पुरुष बड़े प्रसन्नचित्त थे।

इस हीरक जयन्ती समारोह अवसर पर कुछ महापुरुषों के भाषणों के कुछ अंश निम्न प्रकार हैं –

1.
चौ० सर छोटूराम हमारी उस महान् जाति के,

जिसमें हमें भी पैदा होने का सौभाग्य प्राप्त है,

एक रत्न हैं।

जनता के लिए की गईं उनकी सेवाएं सराहनीय हैं।

इस शुभ हीरक जयन्ती समारोह अवसर पर

हम परमात्मा से उनकी दीर्घायु की कामना करते हैं। –

हिज हाईनेस श्री महाराजा साहब सवाई ब्रजेन्द्रसिंह बहादुर भरतपुर नरेश।

 

हम पढ़ रहे है दीनबन्धु सर छोटूराम का हीरक जयन्ती समारोह

2.
भारत की एक प्रमुख जाट रियासत के दीवान की हैसियत से मुझे आदरणीय राय बहादुर चौ० सर छोटूराम को उनकी हीरक जयन्ती के शुभ अवसर पर बधाई देने में हार्दिक प्रसन्नता है।

पंजाब और विशेषतः जाट कौम की जो अमूल्य सेवायें उन्होंने अपनी महान् योग्यता से की हैं, उनका वर्णन मेरी सामर्थ्य से बाहर है, लेकिन मैं यह कह सकता हूं कि जो भी व्यक्ति उनके सम्पर्क में आता है उसके दिमाग पर उनकी विशिष्टता की छाप पड़ जाती है।

के० पी० एस० मेनन, आई० सी० एस०, प्राइम मिनिस्टर भरतपुर।

3.
पंजाब विधानसभा के अध्यक्ष चौ० सर शहाबुद्दीन ने उनको गुदड़ी का लाल और पंजाब का शेर बताया और कहा कि उनकी योग्यता और कार्यशीलता से उनके विरोधी भी प्रभावित हैं।

4.
पंजाब विधानसभा के उपाध्यक्ष सरदार दसौधासिंह ने कहा कि

चौ० साहब ने पंजाब के किसानों के लिए जो सेवायें की हैं उनके वे इतने कृतज्ञ हैं कि छोटूराम उनके लिए दूसरा खुदा है और अक्सर वे उन्हें  छोटा राम भी कहते रहते हैं।

हीरक जयन्ती समारोह

5.
चौधरी छोटूराम इस युग की उन जिन्दादिल विभूतियों में से हैं जिन्होंने उत्तरी भारत की बिखरी हुई क्षत्रिय जातियों का संगठन करके क्षत्रिय जातियों की गणना संसार की जीवित जातियों में की है।

राव कृष्णपाल सिंह, आवागढ़ राज्य (उत्तरप्रदेश)।

6.
पहले पहल मैंने सर छोटूराम को सन् 1925 में पुष्कर के जाट महोत्सव में देखा था। मैं महाराजाधिराज सर नाहरसिंह जी शाहपुराधीश के साथ इस महोत्सव में शामिल हुआ था।

चौधरी साहब एक ऐसी विभूति हैं जिन पर हम सभी लोगों को गौरव हासिल है।

राव गोपालसिंह राष्ट्रवर खरवा नरेश (राजस्थान)।

हीरक जयन्ती समारोह

7.
पंजाब की दलित जाति के नेताओं से मैंने चौधरी छोटूराम जी के सम्बन्ध में बहुत सी प्रशंसा योग्य बातें सुनी हैं, उनसे मुझे बहुत संतोष हुआ है।

उन्होंने अनेक जाट युवकों को ऊंचे-ऊंचे ओहदे देकर अपनी उदारता और दलितों के प्रति सौहार्द का परिचय दिया है। उन्होंने स्वयं एक गांव में जा अछूतों को कुएं पर चढ़ाया है।

हम उनके दीर्घ जीवन की परमात्मा से प्रार्थना करते हैं।

डाक्टर मानकचन्द एम.एल.ए., मन्त्री, अखंड भारत संघ, उत्तरप्रदेश ब्रांच, वीर भवन आगरा।

8.
सैनिक जातियों तथा देहाती लोगों में जिस महान् विभूति के कारण नवजीवन प्राप्त हुआ है, उन चौधरी सर छोटूराम के लिए जीवेम शरदः शतम् की प्रार्थना भगवान् से करते हैं।

हीरक जयन्ती समारोह

कुंवर यतीन्द्र कुमार, मन्त्री, अ० भा० गुर्जर महासभा, लंढौरा हाउस, सहारनपुर।

 

9.
इसमें कोई सन्देह नहीं कि इस समय उत्तर भारत के किसान में जो जागृति है, उसका प्रकाश-स्तम्भ चौधरी सर छोटूराम साहब हैं। किसी भी संकट के समय वे सब उनकी ओर आशाभरी दृष्टि से देखते हैं।

बलदेव राम मिर्धा, अध्यक्ष, किसान सभा, जोधपुर।

हीरक जयन्ती समारोह

 

10.
पंजाब के प्रधानमन्त्री सर सिकन्दर हयात खां ने हीरक जयन्ती समारोह अपने अध्यक्षीय भाषण में कहा था –

“सर चौधरी छोटूराम जी पंजाब में उन महापुरुषों में हैं जो युगों के बाद कोई नवीन परिवर्तन लाने और सुन्दर भविष्य की रचना करने के लिए आया करते हैं।

चौ० सर छोटूराम न केवल जाट और जमींदारों के उद्धारक हैं बल्कि समस्त पंजाब और भारत के सच्चे सपूत हैं।

वे एक महान् नेता हैं, उन जैसी नेतृत्व शक्ति बिरले ही नेताओं में पाई जाती है। जब जिस तरह की आवश्यकता हो, भगवान् अवतार भेजा करते हैं।

आर्थिक सन्तुलन के लिए भगवान् ने छोटूराम जी को अवतार के रूप में हमारे बीच भेजा है। अब कई शताब्दियों तक हमें अवतार की जरूरत नहीं है।

हमारी अनेकों पीढ़ियां इन्हें अपने ‘मसीहा’ के तौर पर याद रखेंगी, इनके उपकारों से उपकृत रहेंगी तथा इनके सिद्धान्तों पर चलकर सुखी रहेंगी।

एक दिन चौ० सर छोटूराम नहीं रहेंगे किन्तु उनका नाम और सिद्धान्त बहुत समय तक अमर रहेगा।”

हीरक जयन्ती समारोह
11. चौधरी सर छोटूराम जी के भाषण का सारांश निम्नलिखित है –

 

मैं देहाती वायुमण्डल में उत्पन्न हुआ और पला, इसलिए मुझे देहाती लोगों के अभाव, सन्तापों, कष्टों, कठिनाइयों एवं दीन स्थिति का पूरा-पूरा साक्षात् अनुभव है।

इसी अनुभव ने मेरे सारे जीवन तथा मानसिक व नैतिक प्रवृत्तियों को प्रभावित किया है।

आपने एक श्लोक बताया जिसका भाव यह है कि “इस परिवर्तनशील संसार में मर कर जन्म तो सभी लेते हैं, परन्तु जन्म उसी का सार्थक है जिसके जन्म लेने से उसका वंश उन्नति को प्राप्त हो।”

यह श्लोक मानो मेरे जीवन का एक मन्त्र बन गया

जिससे मेरे हृदय में अपनी जाति को शिक्षा, सामाजिक सम्मान,

आर्थिक और राजनैतिक दृष्टि से सम्मुन्नत करने की उत्कृष्ट अभिलाषा पैदा हो गई।

मैंने सोचा कि पंजाब में धर्म और जाति के भेदभाव को छोड़कर

सब जमींदार लोगों को एकसूत्र में बांधकर उनकी उन्नति का मार्ग उत्तम किया जाये।

मैं एक कट्टर आर्यसमाजी एवं कांग्रेस का सक्रिय कार्यकर्त्ता भी था। कांग्रेस का असहयोग आन्दोलन जमींदारों का शोषण करने वाला था। अतः मैंने जमींदारों के हितों की रक्षा के लिए कांग्रेस पार्टी छोड़ दी।

बहुत सोच-विचार के बाद मैंने किसानों की उन्नति की समस्या का समाधान ढूंढ लिया जो निम्न प्रकार के हैं –

 

  1. धर्म को राजनीति से बिलकुल अलग रखा जाये। राजनीति और राजनैतिक संगठन विशुद्ध आर्थिक हितों के आधार पर चलाये जायें।

  2. निर्बलों की सेवा, शोषितों की रक्षा और गिरे हुओं को उठाना ही मेरी समझ में मानवीय कर्त्तव्य का वास्तविक तत्त्व है। हमारे देश में कृषक जातियों की संख्या 85 प्रतिशत से अधिक है |

और आश्चर्य यह है कि वे ही सबसे अधिक क्रूरतापूर्वक पीड़ित और शोषित हैं। कम से कम पंजाब में तो इस समय ऐसी स्थिति है कि उन्हें एक शक्तिशाली रूप में इस आर्थिक शोषण एवं सामाजिक अन्याय के विरुद्ध लोहा लेने को खड़ा किया जा सकता है।

पंजाब में सफलता मिलने पर इसी नीति एवं कार्यक्रम को शेष सारे भारत में फैलाया जा सकता है। इस प्रकार संगठित किए हुए खेतीपेशा लोग समस्त शोषित एवं दलित जातियों के अग्रगामी युद्ध का काम करेंगे।

कृषक जातियों का यह संगठन धार्मिक दृष्टि से ऊपर से तो एक फिरकाबन्दी सी दिखाई देता है, परन्तु वस्तुतः यह एक संगठित राष्ट्रवाद का प्रयोजन पूरा करेगा, क्योंकि मेरी यह मान्यता है कि समान आर्थिक आधार पर कृषक जातियों का भाईचारा ही वास्तविक राष्ट्र है।

हीरक जयन्ती समारोह

मेरी राजनीति का मुख्य आधार आर्थिक है।

हमारे राष्ट्र को सबसे अधिक कमजोर करने वाला रोग साम्प्रदायिकता है।

इसने राष्ट्रोन्नति के सब विचारों तथा कार्यों को पीछे धकेल दिया है।

मेरा दृढ़ विश्वास है कि इस रोग की रामबाण औषधि

यह आर्थिक हितों के आधार पर किया गया कृषकों का संगठन ही है।

इसका सबसे प्रबल प्रमाण तब मिला जबकि हमारी सरकार द्वारा जमींदारों के हितों की रक्षा के लिये बनाये कुछ कानूनों का विरोध करते हुए शहरों में व्यापक हड़तालें हुईं।

इन हड़तालों में धर्म एवं जाति का भेद भुलाकर सभी व्यापारियॊं ने एक जैसे उत्साह से भाग लिया। यदि इसी प्रकार सब खेतीपेशा लोग अपने हितों के कार्यों में एकत्र होकर सहयोग दें तो फिर क्यों शोर मचाया जाता है?

हिन्दू, सिक्ख, मुसलमान व्यापारी एक साथ मिलकर काम करें तो भी उनकी असम्प्रदायिकता एवं राष्ट्रवादिता अक्षुण्ण रहती है और खेतीपेशा लोग इकट्ठे हो जायें तो वे साम्प्रदायिक और राष्ट्रद्रोही पुकारे जाते हैं।

यह एक विशिष्ट प्रकार की और विशिष्ट स्वार्थों की प्रवृत्ति है, जिसका हमें सामना करना है और उत्तर देना है। मैंने इस पवित्र कार्य के लिए अपना जीवन लगाया है।

अन्त में उन्होंने फिर वही अपनी जिह्वा पर चढ़ कवि इकबाल का पद्य बोला –

खुदी को कर बुलन्द इतना कि हर तकदीर से पहले
खुद बन्दे से खुद पूछे बता तेरी रज़ा क्या है!

 

जय दादा छोटूराम आपको यह लेख हीरक जयन्ती समारोह कैसा लगा हमे जरुर बताये

आपके पास भी दीनबन्धु सर छोटूराम से सम्बन्धित जानकारी या फोटो है तो हमे भेजे

आपका भाई

चौधरी रणधीर देशवाल

जिला रोहतक हरियाणा

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