विकासपुरुष चौधरी बंसीलाल | आधुनिक हरियाणा का निर्माता

0
36
views

विकासपुरुष चौधरी बंसीलाल जी अमर रहें

करनाल जिले के गाँव उचानी में सड़क किनारे हजारों बिजली के टावर की तरह ही ये भी एक है। लेकिन इस पर एक पत्थर लगा हुआ है जिसपे हरियाणा में 100% विद्युतीकरण होने की तारीख और जगह का उल्लेख है।

खास बात ये है कि हरियाणा में 29 नवम्बर 1970 तक हर गाँव मे बिजली पहुचाने का काम विकासपुरुष चौधरी बंसीलाल ने कर दिया था जबकि देश के कुछ गाँवों में आज भी बिजली नहीं पहुँची है।

जो काम चौधरी साहब ने 47 साल पहले कर दिया था

(वो भी अपने मुख्यमंत्रित्व के पहले 2.5 साल में)

वो कई सरकारे आज तक नहीं कर पाई हैं।

इतने बड़े काम का एक सादा सा पत्थर भी चौधरी साहब की सादगी दिखाता है, आजकल के मुख्यमंत्री तो छोटी-छोटी योजनाओं को भी बहुत बड़ा करके दिखाते हैं।

इस जगह (जो कि हरियाणा के लिए बहुत गर्व की बात है) को धरोहर की तरह संभालने का काम भी बाद कि सरकारों ने ठीक से नहीं किया।


विकासपुरुष चौधरी बंसीलाल जी अमर रहें

 

यह बात उन दिनों की है जब संयुक्त पंजाब होता था और हरियाणा का जन्म नहीं हुआ था ! उस वक्त संयुक्त पंजाब में चौधरी लहरी सिंह बिजली मंत्री थे | एक बार उनका प्रोग्राम गोलागढ़ गांव के नजदीक जुई गांव में था |

उस वक्त गोला गढ़ गांव का एक युवा वकालत की पढ़ाई

पूरी करके गाँव वापस आया था।

गांव वालों ने मांग पत्र बनाया और कहा कि

” भैया आप वकालत की पढ़ाई करके आए हैं

इसलिए यह मांग पत्र मंत्री जी को आप ही देंगे “!

तब उस युवा ने गांव वालों से कहा कि आप सभी सहमत हो तो इसमें एक मांग मैं भी रखना चाहता हूं तो गांव वालों ने अपनी सहमति व्यक्त करते हुये उस युवा वक़ील को उसकी माँग भी मांगपत्र में लिखने की सहमति दे दी !

तय समयानुसार चौधरी लहरी सिंह गांव में आए और उनको मांग पत्र दिया गया ! सारा मांग पत्र पढ़ने के बाद मंत्री जी ने कहा “यह आखिरी लाइन किसने लिखी है” , सारा गाँव उस नौजवान की तरफ देखने लग गया | मंत्री जी समझ गए कि यह लाइन इसी नौजवान ने लिखी है |

उस लाइन में लिखा था कि इस क्षेत्र में बिजली का प्रबंध होना चाहिए |

मंत्री जी ने ग्रामवासीयों की तरफ मुख़ातिब होते हुये कहा कि

“या तो यह लड़का मेरे को मूर्ख समझ रहा है ,

या फिर आपको मूर्ख बना रहा है ,

इस एरिया में बिजली तो बादलों में ही देखना |

घरों में बिजली भूल जाओ क्योंकि उस समय बिजली इस इलाक़े में दूर दूर तक नहीं थी और निकट भविष्य में आने का कोई संभावना भी नहीं थी , न ही उस वक़्त की सरकारों की प्राथमिकता थी।

यह बात उस नौजवान के दिल में तीर की तरह चुभ गई |

दोस्तों, क्या आपको पता है वह नौजवान कौन था ? 

वह थे हरियाणा के निर्माता  विकासपुरुष चौधरी बंसीलाल लेघा जी 

जब चौधरी बंसीलाल लेघा गोत्री जाट ने बतौर मुख्यमंत्री

तत्कालीन कांग्रेस सरकार 1972 में हरियाणा के आखिरी गांव में बिजली देकर,

हर गांव को सड़क से जोड़कर अपने P.A. को कहा कि पता करो चौधरी लहरी सिंह कहां मिलेंगे तब P.A. ने चौधरी लहरी सिंह को फोन किया और कहा कि

चौधरी बंसीलाल मिलना चाहते हैं।

तय समय अनुसार चौधरी बंसीलाल जी,

चौधरी लहरी सिंह जी से मिलने रोहतक पहुंचे

तब लहरी सिंह को यह नहीं पता था कि

यह बंसीलाल वही जुई वाला बंसीलाल है |

तब चौधरी बंसीलाल ने कहा कि चौधरी साहब आप फ़लाँ सन् और फ़लाँ तारीख को जुई गए थे, उस वक्त गांव वालों ने मांग पत्र रखा था और गांव वालों के मांग पत्र में एक मांग यह भी थी कि इस क्षेत्र में बिजली का प्रबंध किया जाए,

तब आपने कहा था कि यहां के लोग बिजली बादलों में ही देखो | या तो यह लड़का मेरे को मूर्ख समझ रहा है या आप लोगों को मूर्ख बना रहा है |

मैं वही बंसीलाल हूं और

आज हरियाणा के हर गांव में बिजली का कनेक्शन

 हर गांव को सड़क दे कर आप से मिलने आया हूं

और बताने आया हूं कि उसी बंसीलाल ने

आज हरियाणा के हर गांव में बिजली पहुंचा दी है।

यह भी पढ़े एक था जननायक चौधरी देवीलाल 

एक बार पंजाब के नेताओं ने SYL विवाद के चलते ऐलान किया था कि हरियाणा के मुख्यमंत्री को पंजाब की धरती से होकर राजधानी चंडीगढ़ नही जाने देंगे ।

चौधरी बंसीलाल ऐसे दमदार नेता है तो हरियाणा से होकर ही चंडीगढ़ जाकर दिखाएं। नए नए राज्य बने हरियाणा में उन दिनों चंडीगढ़ तक सड़क की ठीक व्यवस्था नही थी ।

दोस्तों यह बात हमारे चौधरी बंसीलाल को खटक गयी

 एक ही दिन में यमुनानगर वाया नारायणगढ़ होकर

चंडीगढ़ तक सड़क बनवा दी और उस रास्ते राजधानी पहुँचे

तो पंजाब के तत्कालीन नेता हाथ मलते रह गए थे ।

ऐसे थे चौधरी बंसीलाल मेरा उनको शत शत नमन |

मेरे हरियाणा की धरती पर एक बार फिर आना |

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here