जननायक चौधरी देवीलाल सिहाग | किसान शक्ति का अडिग स्तम्भ

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जननायक चौधरी देवीलाल – संघर्ष से तपकर कुन्दन बने चौ. देवीलाल

जननायक चौधरी देवीलाल सिहाग, किसान शक्ति का ऐसा अडिग स्तम्भ थे जिन्होंने किसान को धूल से उठाकर उसकी शान बढाई | वो अक्सर कहा करते थे कि असली भारत गाँव में बसता है जिसका आधार किसानी है |

जब सन 1986 में किसानों के मसीहा चौधरी चरण सिंह का देहांत हुआ तो जननायक चौधरी देवीलाल किसानों की आवाज बनकर उभरे।

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उत्तर भारत के किसान उनमे अपना मसीहा देखने लगे। पंजाब, हरियाणा, पश्चिम यू.पी. और राजस्थान के किसानों में उनकी तगड़ी शाख थी |

  • हरियाणा के किसानों के बीच उनके बढ़ते असर का अनुमान केंद्र सरकार को तब हुआ
  • जब 1987 में हुए विधानसभा चुनाव में उन्होंने
  • कुल 90 सीटों में से रिकार्ड 85 सीटें जीतकर खलबली मचा दी थी |
  • देश की लोकसभा में महज 10 सांसद भेजने वाले हरियाणा के
  • जननायक चौधरी देवीलाल  अकेले नेता थे जिनसे देश राजनीति प्रभावित थी।

सन 1989 में जनता दल की सरकार बनी और गांधी परिवार की सत्ता से दूर रखने के लिए उन्हें सर्वसम्मति से देश का प्रधानमंत्री चुन लिया गया। पर जुबान के धनी जननायक चौधरी देवीलाल  ने अपना वचन निभाते हुए अपनी जगह प्रधानमंत्री पद एक राजपूत वी.पी. सिंह को दे दिया।

1987 में हरियाणा का दूसरी बार मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्होंने देश भर के विपक्षी दलों को कांग्रेस के खिलाफ एक मंच पर इकट्ठा किया और उसे सत्ता से उखाड़ फेंका |

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 जाने जननायक चौधरी देवीलाल से जुडी कुछ ख़ास बाते              

1.चौधरी देवीलाल सिहाग गोत्र के जाट का जन्म 25 सितम्बर 1914 में तेजा खेडा जिला सिरसा में हुआ था |

2. इनके पिता का नाम चौधरी लेखराम, माँ का नाम श्रीमती शुंगा देवी और पत्नी का नाम श्रीमती हरखी देवी है।

  1. वो केवल 15 साल की उम्र में पढाई छोडकर आज़ादी आन्दोलन में कूद पड़े थे |

4. इमरजेंसी के समय जननायक चौधरी देवीलाल व उनके बेटे ओमप्रकाश चौटाला को 19 महीने जेल में रखा गया।

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  1. जुबान के धनी चौधरी देवीलाल ने वचन निभाते हुए अपना प्रधानमंत्री पद राजपूत वीपी सिंह को दे दिया।

6. जननायक चौधरी देवीलाल  किसानों से मिलने गांव-गांव और चौपालों तक जाते थे। इसीलिए लोग उन्हें ताऊ कहने लगे।

  1. चौधरी साहब 1956 में तत्कालीन संयुक्त पंजाब में मुख्य संसदीय सचिव भी रहे

  2. जननायक चौधरी देवीलाल 21 जून, 1977 को उन्होंने पहली बार हरियाणा के मुख्यमंत्री बने।

  3. जननायक चौधरी देवीलाल  तीन बार हरियाणा के मुख्यमंत्री और दो बार भारत के उप प्रधानमन्त्री रहे |

10. वो अक्सर यह दोहराया करते थे- हर खेत को पानी, हर हाथ को काम, हर तन पे कपड़ा, हर सिर पे मकान, हर पेट में रोटी, बाकी बात खोटी।

  1. यह उनकी सोच थी कि सत्ता सुख भोगने के लिए नहीं, अपितु जन सेवा के लिए होती है।

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  • जननायक चौधरी देवीलाल के बारे में माना जाता है कि
  • उन्होंने स्वयं ही प्रधानमन्त्री पद स्वीकार नहीं किया।
  • बताया जाता है कि उस दौरान चुनावी प्रक्रिया के बाद
  • वी.पी. सिंह और उनके बीचकुछ ऐसा हुआ था कि
  • उन्होंने वी.पी. सिंह से वादा किया था
  • कि प्रधानमंत्री उन्हीं को बनाया जाएगा।
  • जननायक चौधरी देवीलाल संसदीय दल के नेता भी चुन लिए गए थे
  • पर बडे ही नाटकीय अंदाज से उन्होंने बैठक में कहा कि
  • उनकी जगह वी.पी. सिंह प्रधानमंत्री बनेंगे।

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सन 1989 में रोहतक संसदीय सीट पर उन्होंने दो लाख से ज्यादा मतों से जीत दर्ज की थी पर उन्होंने लोकसभा में सीकर राजस्थान का प्रतिनिधित्व करने का फैसला लिया और रोहतक सीट से इस्तीफा दे दिया |

रोहतक की जनता ने एक जाट बलराम जाखड के खिलाफ सीकर, भूपेंद्र हुड्डा के खिलाफ रोहतक, धर्मपाल मलिक के खिलाफ सोनीपत, प्रोफ़ेसर छ्त्रशाल के खिलाफ घिराए हल्के से चुनाव लड़ने और हारने के बाद इन्हें इस बात के लिए कभी माफ नहीं किया |

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इसके बाद अगले तीन लोकसभा चुनावों में रोहतक की जनता ने चौ. देवीलाल को हराया और निवर्तमान मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा लगातार तीन बार ताऊ को हरा कर कांग्रेस और हरियाणा की राजनीति में स्थापित होते चले गए |

इसी दौरान हरियाणा के महम कस्बे में हुए महम कांड ने भी जननायक चौधरी देवीलाल की छवि पर विपरीत असर डाला |

इन दो घटनाओं के साथ ही ताऊ की पार्टी की पकड़ जाट पट्टी का दिल कहे जाने वाले रोहतक संसदीय क्षेत्र के इलाके में कमजोर होती चली गई |

अपने जीवन के अंतिम पांच साल वे राज्यसभा सांसद रहे और 6 अप्रैल, 2001 में उनका निधन हो गया |

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उनका जाना सिर्फ हरियाणा ही नहीं बल्कि पुरे देश विशेषकर उत्तर भारत (पंजाब से बिहार-बंगाल तक ) के जमींदार व किसानों को कचोटता है | उनका कहना था लोकराज लोकलाज से चलता है |

  • उनकी मृत्यु के पश्चात किसानों को आज तक कोई ऐसा नेता नही मिला
  • जो ग्रामीण व किसान जनता के हितों का सच्चा रक्षक होता |
  • भारतीय संसद में आज किसानों की आवाज़ उठाने वाला कोई नेता नहीं रहा |
  • जय जवान जय किसान जय जननायक चौधरी देवीलाल 

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